जयपुर, 07 अप्रैल 2026(न्याय स्तंभ)। राजस्थान प्रोफेशनल कॉन्क्लेव-2026 के तहत आयोजित राजस्थान फिजियो समिट-2026 का दूसरा दिन मंगलवार को ज्ञान, सम्मान और रंगारंग प्रस्तुतियों के नाम रहा। देशभर से पहुंचे फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने अपने शोध और अनुभव साझा कर आयोजन को खास बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पैनल डिस्कशन से हुई, जिसमें आरसीएएचसी, आईएपी और आरयूएचएस के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर फिजियोथेरेपी के वर्तमान और भविष्य पर चर्चा की। इसके बाद डॉ. हर्ष राजदीप ने “फिजियो वर्जन 2.0” विषय पर सफल करियर के लिए जरूरी कौशल और अवसरों पर मार्गदर्शन दिया।
कीनोट सत्र में डॉ. मंदाकिनी सोंधी ने प्रसूति के दौरान फिजियोथेरेपी की भूमिका को रेखांकित किया, वहीं डॉ. संजीव के. झा ने इस क्षेत्र के विकासक्रम और संभावनाओं पर अपने विचार रखे। डॉ. रुचि वर्श्नेय ने सितंबर 2026 में होने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजन की जानकारी साझा की।
दोपहर में आयोजित सम्मान समारोह में 40 चिकित्सकों और शिक्षाविदों को “फिजियो प्राइड” अवॉर्ड से नवाजा गया। साथ ही यूजी, पीजी, पीएचडी और फैकल्टी वर्ग में उत्कृष्ट शोधपत्र और पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए 22 प्रतिभागियों को पदक दिए गए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि फिजियोथेरेपी आज स्वास्थ्य सेवाओं का अहम स्तंभ बन चुकी है और इसमें नवाचार व शोध को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
अकादमिक सत्रों के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। ग्रुप डांस, सोलो परफॉर्मेंस, सिंगिंग और बैंड प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। युवाओं के आकर्षण का केंद्र रही रैंप वॉक प्रतियोगिता, जिसमें भावी डॉक्टर्स ने आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अंत में विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ दो दिवसीय समिट का सफल समापन हुआ।