पड़ोसी देशों के कॉन्फ्लिक्ट और वैश्विक राजनीति पर होंगे विशेष सत्र
जयपुर। 12 जनवरी 2026 (न्याय स्तंभ)। टीमवर्क आर्ट्स की ओर से आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) का 19वां संस्करण 15 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। सोमवार को होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित प्रेस वार्ता में जेएलएफ के प्रोड्यूसर संजॉय रॉय ने फेस्टिवल की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष फेस्टिवल में भारत के पड़ोसी देशों में चल रहे कॉन्फ्लिक्ट, वैश्विक राजनीतिक हलचल और अंतरराष्ट्रीय समकालीन मुद्दों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में दुनिया भर से आए विचारक, लेखक और नीति-निर्माता गंभीर और सार्थक संवाद करेंगे।
हिंदी, राजस्थानी और क्षेत्रीय संस्कृतियों पर विशेष फोकस
इस बार जेएलएफ का विशेष फोकस हिंदी भाषा, राजस्थानी आवाज़ और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं पर रहेगा। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य भारतीय साहित्यिक परिदृश्य को और अधिक मजबूती से वैश्विक मंच से जोड़ना है। जयपुर एक बार फिर साहित्य, विचार और संवाद का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनने जा रहा है।
विश्वविख्यात नामों की रहेगी शिरकत
जेएलएफ 2026 में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित नाम हिस्सा लेंगे। प्रमुख वक्ताओं में जावेद अख्तर, सुधा मूर्ति, किरण देसाई, स्टीफन फ्राय, टिम बर्नर्स-ली, वीर दास, विश्वनाथन आनंद और जिमी वेल्स शामिल हैं।
इसके अलावा गोपाल कृष्ण गांधी, गौर गोपाल दास, ऐन एप्पलबाउम, अरविंद सुब्रमण्यम, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, एस्तेर डुफ्लो, रिचर्ड फ्लैनगन, एडवर्ड लूस, आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लियो वराडकर, गज सिंह, अनुराधा रॉय, मेघा मजूमदार, पर्सिवल एवरेट और निकोलस स्टर्न भी विभिन्न सत्रों में अपने विचार साझा करेंगे।
हिंदी साहित्य, पुरस्कार और सांस्कृतिक आयोजन
फेस्टिवल में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की सशक्त उपस्थिति देखने को मिलेगी। इस अवसर पर महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 की घोषणा भी की गई है, जो कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार की जूरी में नमिता गोखले, सुकृता पॉल कुमार, रंजीत होस्कोटे और सिद्धार्थ सेठिया शामिल हैं।
जयपुर बुकमार्क और म्यूजिक स्टेज भी आकर्षण
जेएलएफ के साथ आयोजित होने वाला जयपुर बुकमार्क अपने 13वें संस्करण में मराठी भाषा, अनुवाद और प्रकाशन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर केंद्रित रहेगा। वहीं जयपुर म्यूजिक स्टेज और मॉर्निंग म्यूजिक में भारतीय शास्त्रीय, लोक और समकालीन संगीत की प्रस्तुतियां होंगी, जो साहित्य और सुरों का अनूठा संगम पेश करेंगी।