16 साल की साराक्षी बनी ‘स्वच्छता की ब्रांड एंबेसडर’

गुलाबी रक्षक अभियान से बदल रही सोच
जयपुर | न्याय स्तंभ। “जहां चाह, वहां राह” — इस कहावत को सच कर दिखाया है जयपुर की 16 वर्षीय छात्रा साराक्षी सिंह ने, जो कम उम्र में ही स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर शहर में जागरूकता की मिसाल बन रही हैं।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत साराक्षी सिंह द्वारा शुरू किया गया “गुलाबी रक्षक अभियान” अब शहर में एक प्रेरणादायक पहल बन चुका है। इस अभियान के माध्यम से वे न सिर्फ लोगों को जागरूक कर रही हैं, बल्कि व्यवहारिक बदलाव लाने की दिशा में भी काम कर रही हैं।

साराक्षी ने स्वच्छता से जुड़े आकर्षक और संदेशात्मक पोस्टर्स तैयार किए हैं, जिन्हें नगर निगम जयपुर अपने सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियानों में उपयोग कर रहा है। यह पोस्टर आमजन को कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इसके अलावा साराक्षी अपनी टीम के साथ शहर के अलग-अलग इलाकों, सब्जी मंडियों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से दूर रहने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

साराक्षी बताती हैं कि उन्हें इस दिशा में काम करने की प्रेरणा अपनी माता से मिली, जो पहले नगर निगम जयपुर में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर कार्य कर चुकी हैं। उनके साथ फील्ड में जाकर शहर की वास्तविक स्थिति को देखने के बाद उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा और इस अभियान की शुरुआत की।

“गुलाबी रक्षक अभियान” के जरिए युवाओं और आमजन को कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और उसके सही निस्तारण जैसी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल जागरूकता को व्यवहार में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

साराक्षी सिंह नगर निगम द्वारा आयोजित स्वच्छता कार्यक्रमों, श्रमदान और अभियानों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। उनके द्वारा बनाए गए पोस्टर्स का विमोचन निगम आयुक्त द्वारा किया गया, जिन्होंने उनके प्रयासों को सराहते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बाताया।

कम उम्र में बड़ा बदलाव—साराक्षी सिंह की यह पहल दिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उम्र मायने नहीं रखती।

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