जेडीए में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज, सिद्धार्थ महाजन का तबादला संभव

जेडीए में ‘सशक्त’ नेतृत्व की तलाश, ओम कसेरा और आरती डोगरा के नाम प्रमुखता से चर्चा में

 

जयपुर, 12 अगस्त 2026(न्याय स्तंभ)। जयपुर विकास प्राधिकरण में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर प्रशासनिक हलकों में एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार जेडीए की कमान ऐसे अधिकारी को सौंपने पर विचार कर रही है, जो निर्णय लेने में सक्षम, फील्ड में सक्रिय और सरकार तथा जनता के बीच प्रभावी सेतु के रूप में काम कर सके। इसी कवायद में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन इनमें 2012 बैच के आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश कसेरा का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है।

कसेरा वर्तमान में जयपुर नगर निगम आयुक्त एवं जयपुर स्मार्ट सिटी के सीईओ हैं। इससे पहले वह राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड के एमडी, आबकारी आयुक्त, निवेश एवं एनआरआई मामलों के आयुक्त, राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स कॉरपोरेशन के एमडी और कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। अप्रैल 2026 के प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें जयपुर नगर निगम की जिम्मेदारी दी गई थी।

मसूरी से शुरू हुआ सफर, फील्ड पोस्टिंग में बनाई पहचान

मसूरी में प्रशिक्षण के बाद कसेरा को अजमेर में असिस्टेंट कलेक्टर एवं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट बनाया गया। इसके बाद बारां में एसडीएम की जिम्मेदारी मिली। नवंबर 2015 में उन्हें राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड का एमडी बनाया गया।

जुलाई 2017 में वह जोधपुर नगर निगम आयुक्त बने। इस दौरान अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनकी कार्यशैली चर्चा में रही। जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान कसेरा ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बार-बार चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटे तो निगम को कार्रवाई करनी पड़ी।

इसके बाद जुलाई 2018 में जैसलमेर कलेक्टर, 2019 में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और सितंबर 2019 में कोटा कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। कोटा के बाद खनन, माइंस, निवेश, आबकारी, ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाईं। उपलब्ध सेवा रिकॉर्ड भी इन प्रमुख पदस्थापनाओं की पुष्टि करता है।

आरती डोगरा का नाम भी चर्चा में

जेडीए के संभावित विकल्पों में वरिष्ठ आईएएस आरती डोगरा का नाम भी प्रशासनिक हलकों में बताया जा रहा है। हालांकि चर्चा में ओम कसेरा का नाम इसलिए अधिक मजबूत माना जा रहा है कि वर्तमान में जयपुर नगर निगम की कमान संभालते हुए उन्हें शहर की जमीनी प्रशासनिक चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव है।

फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश नहीं हुआ है। लेकिन चर्चा यही है कि जेडीए के लिए सरकार को ऐसा अधिकारी चाहिए जो दबाव में भी फैसले ले सके, फील्ड में असर दिखा सके और सरकार की प्राथमिकताओं को जनता तक तथा जनता की अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाने वाली मजबूत कड़ी बन सके। इस कसौटी पर ओम कसेरा का नाम फिलहाल सबसे आगे बताया जा रहा है।

 

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