बेकाबू बयानवीर मदन राठौड़, 65 प्रवक्ता खामोश!

बयान के बाद सफाई, संगठनात्मक तालमेल पर सवाल; कांग्रेस ने 17 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का किया ऐलान

(मतीष पारीक)

जयपुर, 16 अक्टूब 2026(न्याय स्तंभ) । भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री की नियुक्ति के बाद भी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की बयानबाजी का अंदाज नहीं बदला। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय में अल्पसंख्यक मोर्चे की बैठक में राठौड़ ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर ऐसे बयान दिए कि पार्टी असहज स्थिति में आ गई। शुक्रवार को सफाई देनी पड़ी, लेकिन तब तक कांग्रेस को भाजपा पर हमला करने का बड़ा मुद्दा मिल चुका था।

राठौड़ ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच में पाकिस्तान की जीत पर पटाखे चलाने वाला देशभक्त कैसे हो सकता है। साथ ही अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच होने पर पड़ोसी होने के नाते पाकिस्तान के साथ खड़े होने की बात कही। विवाद बढ़ने के बाद अगले दिन सफाई सामने आई। सवाल है कि राजनीतिक संदेश देने की कोशिश में प्रदेशाध्यक्ष ऐसा बयान क्यों दे बैठे, जिसका बचाव करना पार्टी के लिए चुनौती बन गया?

मंच पर संगठन महामंत्री, प्रदेशाध्यक्ष रवाना

बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार मौजूद थे। राठौड़ भाषण देकर अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए, जबकि संगठन महामंत्री मंच पर ही रह गए। इससे पहले अजेय कुमार के पहली बार जयपुर आगमन पर एयरपोर्ट पर राठौड़ के स्वागत के लिए नहीं पहुंचने और नितिन नबीन के दौरे के दौरान उन्हें साथ नहीं ले जाने की चर्चाएं भी संगठनात्मक तालमेल पर सवाल खड़े कर रही हैं। क्या प्रदेश नेतृत्व और संगठन महामंत्री के बीच अपेक्षित समन्वय नहीं बन पाया है?

65 प्रवक्ता, लेकिन बचाव में सन्नाटा!

भाजपा के 65 प्रवक्ताओं की फौज के बावजूद प्रदेशाध्यक्ष के बयान के बचाव में कोई मुखरता से सामने नहीं आया। सवाल है कि विपक्ष को जवाब देने वाली टीम विवाद के समय खामोश क्यों रही? क्या बयान का बचाव मुश्किल था या संगठन की ओर से स्पष्ट संदेश का इंतजार रहा? भाजपा में कभी संगठन महामंत्री के इर्द-गिर्द पूरा संगठन सक्रिय नजर आता था। अब नए संगठन महामंत्री संगठन की नब्ज टटोल रहे हैं या प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल की कमी है, यह चर्चा का विषय है।

कांग्रेस ने पकड़ा मुद्दा, 17 अक्टूबर को प्रदर्शन

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी के अनुसार, प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के निर्देश पर 17 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर मदन राठौड़ के पुतले जलाकर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ने बयान को शहीदों और आतंकवादी घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों का अपमान बताते हुए एलईडी के जरिए जनता को बयान दिखाने की भी घोषणा की है।

अब सवाल यही है कि प्रदेशाध्यक्ष बयान देकर विवाद में घिरें, अगले दिन सफाई दें और 65 प्रवक्ता खामोश रहें, तो विपक्ष को जवाब कौन देगा? मदन राठौड़ की बयानबाजी अब भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती के साथ संगठनात्मक तालमेल और सामूहिक जवाबदेही की परीक्षा भी बन गई है।

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