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भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष का नहीं होगा चुनाव!

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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने फंसाया पेंच-सूत्र

जयपुर। 11 फरवरी 2025(न्याय स्तंभ)। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनावों में इस बार नया फॉर्मूला फेल होता नजर आ रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि चुनावों की इतनी लंबी प्रक्रिया और राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बाद भी अभी तक 27 जिलाध्यक्षों की ही नियुक्ति हो पाई है। वहीं मंडल अध्यक्ष भी नियुक्त नहीं हो पाए। बात करें जयपुर की तो पहले मंडल अध्यक्षों की सूची विरोध के कारण अटकी वहीं जयपुर शहर जिलाध्यक्ष का निर्वाचन भी बड़े राजनेताओं की आपसी खींचतान में उलझ गया है। राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति की डेडलाइन भी दो बार निकल चुकी है। इसको देखते हुए अब भाजपा में जयपुर शहर जिलाध्यक्ष का चुनाव होना संभव नहीं है। कहा जा रहा है कि अब सीधे प्रदेशाध्यक्ष का निर्वाचन होगा उसके बाद जिलाध्यक्ष को मनोनीत कर दिया जाएगा।

संजय जैन को लेकर अटकी सूची
भाजपा के सूत्रों से पता चला है कि जयपुर शहर जिलाध्यक्ष के चुनाव में सबसे बड़ा पेंच पूर्व जिलाध्यक्ष संजय जैन की वजह से अटका हुआ है। सूत्रों का कहना है कि जैन के लिए वसुंधरा राजे सहित कुछ प्रभावशाली नेताओं ने पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर दबाव बना रखा है। सूत्रों का कहना है कि हालांकि संजय जैन को लेकर कुछ विधायक सहमत नहीं है। क्योंकि वे जयपुर शहर की कुछ विधानसभा क्षेत्रों से विधायक पद के प्रबल दावेदार भी हैं। कहा जा रहा है कि संजय जैन को पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के खास सिपहसालार का वरदहस्त प्राप्त है। इसलिए अभी तक जयपुर शहर जिलाध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पाया।

विष्णु लाटा प्रकरण से जुड़ा जैन का नाम
सूत्रों का कहना है कि वैसे तो संजय जैन का जयपुर शहर जिलाध्यक्ष के लिए नाम करीब-करीब फाइनल ही है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि पार्टी के कुछ नेता उनके कार्यकाल में हुए नगर निगम में विष्णु लाटा प्रकरण से खासे नाराज हैं। जिसको लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पा रही है।
हालांकि कौन जयपुर शहर जिलाध्यक्ष बनेगा ये तो सब समय के गर्भ में छिपा है। लेकिन ये बात तो तय है कि पहली बार भाजपा को संगठनात्मक चुनावों में इतनी चुनौती देखने को मिल रही है।

ये नेता भी जिलाध्यक्ष बनने की लाइन में
सूत्रों के अनुसार वैसे तो संजय जैन का नाम जिलाध्यक्ष के लिए फाइनल हो गया है। लेकिन इनके अलावा जयपुर शहर के कई दिग्गज नेता भी इस लाइन में लगे हैं। जिनमें उपमहापौर पुनीत कर्नावट, पार्षद विमल अग्रवाल, राखी राठौड़, अनुराधा माहेश्वरी, एकता अग्रवाल और रघुनाथ नरेडी के नाम प्रमुखता से चल रहे हैं।



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