BREAKING NEWS
Search

जयपुर-सफाई कर्मचारी यूनियन के चुनावों में ‘रार’

95

कर्मचारी नेता राकेश मीणा, पवन चौधरी और वीरेंद्र यादव का पहले तबादला फिर किया निरस्त

मौजूदा कार्यकारिणी और निगम अधिकारियों के खिलाफ बोलना पड़ा भारी-सूत्र

जयपुर। 22 सितंबर 2022 (न्याय स्तंभ) जयपुर नगर निगम में सफाई यूनियन के चुनावों का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है। जहां एक और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने अपने-अपने तरीके से प्रचार करना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी और राजनीति के माहिर लोग अपने प्रतिद्वंदियों पर दबाव बनाने का काम भी कर रहे हैं।

जयपुर नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के चुनाव अक्टूबर में होना प्रस्तावित है। चुनावों में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए सारे यतन करने में लग गए हैं। इसी के चलते राजनीतिक द्वेषतावश नामांकन से एक दिन पूर्व ही सफाई कर्मचारियों का तबादला करना नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन पर सरकार की दिलचस्पी को दर्शाता है।

सूत्रों ने किया दावा
डीएलबी ने दबाव में आकर किये कई कर्मचारी नेताओं के तबादले

कर्मचारी नेता राकेश मीणा ने कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष करना उनको भारी पड़ गया। उन्होंने कहा कि निगम के कुछ लोग और सरकार के दबाव में आकर डीएलबी डायरेक्टर हृदेश शर्मा को उनका तबादला करना पड़ा। जबकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामान्यतः सफाई कर्मचारियों के तबादले पर रोक लगी हुई है। अभी कोई विशेष परिस्थिति भी नहीं थी कि तबादला किया ही जाए।

चुनावों में हो रही धांधली के खिलाफ उठाई थी आवाज
सफाई कर्मचारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि ये यहां पहला मामला नहीं है जब भी कोई गलत के खिलाफ नगर निगम में आवाज उठाता है उसके साथ ऐसा ही किया जाता है।उसका या तो तबादला कर दिया जाता है या फिर उसको एपीओ कर दिया जाता है।

मंत्री , विधायक और अधिकारी भी मौन
लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी, शहर के विधायक और मंत्रियो को सब पता है कि उपरोक्त तबादले नियम विरूद्ध हुए हैं फिर भी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

उधर कुछ सफाई कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सरकार ने नगर निगम को सब कुछ करने की खुली छूट दे रखी है। वो चाहे अनुकंपा नियुक्ति में धांधली हो, चाहे बिना योग्यता के अधिकारी बनाने हो, बिना नौकरी पर जाए घर पर वेतन पहुंचाना हो या फिर बरसों से दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों का बोझ उठाना हो। उनका कहना है कि इन सबकी अनदेखी कर अब सरकार सफाई कर्मचारी यूनियन के चुनावों को भी किसी पक्ष के कहने पर प्रभावित करने का काम कर रही है।

बैकफुट पर आया DLB प्रशासन, तीनों कर्मचारियों के तबादले निरस्त

6 दिन पूर्व 3 कर्मचारियों के तबादला आदेश को कर्मचारियों के दबाव के कारण डीएलबी प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। मीणा ने कहा कि उन्होंने संयुक्त वाल्मीकि-सफाई कर्मचारियों के चुनावों में अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रखी है। उनका
राजनीतिक द्वेषतावस ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन कर्मचारियों के विरोध के चलते
देर रात तबादला आदेश किये निरस्त गए।



न्याय की अवधारणा को सशक्त बनाने हेतु समाचार पत्र न्याय स्तम्भ के माध्यम से एक अभियान चलाया जा रहा है। आइए अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए आप भी हमारा साथ दीजिये। संपर्क करें-8384900113


Leave a Reply

Your email address will not be published.