पूर्ण पेंशन के लिए क्वालीफाइंग सर्विस 28 से 25 साल कर मुख्यमंत्री गहलोत ने दिया तोहफा

4465

28 साल से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन


प्रबोधक, पैरा टीचर्स, लोक जुंबिश एवं लंबी संविदा सेवा के पश्चात नियमित हुए कर्मचारियों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा
जयपुर 07 जून 2023(न्याय स्तंभ) न्यू पेंशन स्कीम एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ राजस्थान ने पूर्ण पेंशन के लिए क्वालीफाइंग सर्विस कम करने की थी मांग को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों को पूर्ण पेंशन के लिए क्वालीफाइंग सर्विस 28 साल से घटाकर 25 साल कर दी है।

इस निर्णय से सरकारी कर्मचारियों को अब न केवल 28 की जगह 25 साल की नौकरी के बाद रिटायरमेंट लेने पर पूरी पेंशन मिलेगी बल्कि 25 साल से कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा और कुछ प्रतिशत बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। पेंशन रूल्स के मुताबिक पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत अंतिम वेतन के 50% के बराबर पेंशन प्राप्त करने के लिए 28 वर्ष की सेवा होना अनिवार्य था। 28 वर्ष की सेवा से पहले सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को आनुपातिक रूप से पेंशन दिए जाने का प्रावधान है| ऐसे में अब क्वालीफाइंग सर्विस को तीन साल कम कर देने से 25 वर्ष की सेवा के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत अंतिम वेतन के 50% पेंशन प्राप्त करेंगे। साथ ही राज्य में प्रबोधक, पैरा टीचर्स, लोक जुंबिश, चिकित्सा एवम विभिन्न विभागों में लंबी सेवा अवधि के पश्चात नियमित हुए ऐसे अनेकों कर्मचारी है जो क्वालीफाइंग सर्विस पूरी नहीं कर पा रहे, उन्हें भी इस फैसले से बढ़ी हुई पेंशन मिलेगी। अधिकांश प्रबोधक ऐसे हैं जो 10 से 15 साल संविदा के तौर पर कार्यरत थे और 2008 में उन्हें नियमित किया गया। जिस कारण से उनकी सेवा अवधि 15 साल के करीब ही रहेगी। उदाहरण के तौर पर 10 वर्ष संविदा पर रहने के बाद नियमित हुआ एक प्रबोधक 2008 के बाद 20 वर्ष की सेवा अवधि के पश्चात रिटायर होता है तो :-
पहले (क्वालीफाइंग सर्विस – 28 वर्ष)
अंतिम वेतन : 60,000
सेवा अवधि : 20 वर्ष
पेंशन : 21428
अब (क्वालीफाइंग सर्विस – 28 वर्ष)
अंतिम वेतन : 60,000
सेवा अवधि : 20 वर्ष
पेंशन : 24000
गौरतलब है कि न्यू पेंशन स्कीम एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ राजस्थान द्वारा लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही क्वालीफाइंग सर्विस को 28 के स्थान पर 10 वर्ष करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट घोषणा के पश्चात कैबिनेट में क्वालीफाइंग सर्विस को 3 साल घटाने के फैसले का संगठन ने स्वागत किया और मुख्यमंत्री का आभार जताया।



न्याय की अवधारणा को सशक्त बनाने हेतु समाचार पत्र न्याय स्तम्भ के माध्यम से एक अभियान चलाया जा रहा है। आइए अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए आप भी हमारा साथ दीजिये। संपर्क करें-8384900113


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *