मुकबधिर व्यक्ति की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मुकबधिर व्यक्ति की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

  भीलवाड़ा 23 मई। थाना मंगरोप निवासी मूकबधिर व्यक्ति की हत्या कर लूट के मामले का खुलासा कर पुलिस ने मुख्य आरोपित को हिरासत में ले लिया है। आरोपित नैना पुत्र कालू बंजारा (23) लालसिंह का खेड़ा थाना गंगरार जिला चित्तौडगढ़ का रहने वाला है जिसने अपने चाचा के लड़के के साथ मिल कर मृतक मुकबधिर के गले में पहनी हुई सोने की रामनमी कानो की मुरकियाँ व हाथों में चांदी के कड़े को लूटने की नियत से घटना को अंजाम दिया था।
   एसपी विकास शर्मा ने बताया कि 30 मार्च को काबरा, थाना मंगरोप निवासी मृतक मूकबधिर मुला उर्फ मुलचन्द कुमावत (60) अपनी गायों को ढूंढने के लिये घर से निकला। रात तक घर ना लौटने पर अगले दिन उसके भाई नाथू लाल ने थाना मंगरोप पर गुमशुदगी दर्ज कराई । तलाश के दौरान 25 अप्रेल को नेहरू विहार स्थित हाउसिंग बोर्ड के बने खाली बने क्वाटर में एक नर कंकाल मिला। जिसकी शिनाख्त परिजनों ने मुला के रूप में की। 
     पुलिस के अनुसार घटना स्थल पर मृतक के पहने गये सोने व चांदी के गहने नहीं मिले तथा एक व्यक्ति की पासपोर्ट फोटो मिली। जिस पर मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर प्रकरण का गहन अनुसंधान प्रारम्भ किया गया। एएसपी गजेन्द्र सिंह जोधा के नेतृत्व एवं सीओ सदर रामचन्द्र के सुपरवीजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने घटना स्थल से लेकर मृतक के गांव तक के सीसीटीवी फुटेज एवं घटना स्थल के नजदीकी मोबाईल टॉवर के बीटीएस का विशलेषण कर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया। 
    घटना को अंजाम देने वाला अज्ञात मुल्जिम की तलाश की गई। घटना स्थल पर मिले अज्ञात व्यक्ति के फोटो के पम्पलेट जारी किये। मुखबीर की सूचना के आधार पर आरोपी नैना बंजारा को डिटेन कर गहनता से पुछताछ की, जिसने घटना को अंजाम देकर हत्या करना कबूल किया। 
तरीका वारदात :-मुल्जिम नैना बंजारा व उसके काका का लड़का सांवरा बंजारा (19) निवासी थाना गंगरार 30 मार्च को खाखला खरीदने के लिये मोटर साईकिल से ग्राम काबरा थाना मंगरोप की तरफ गये  जहां जंगल मृतक मूला कुमावत द्वारा इशारों में गुमी हुई गाय के बारे में पूछा जिससे आरोपीगणों को यह पता चल गया कि व्यक्ति गूंगा व बहरा हैं और सोने चांदी के आभूषण पहने हुये हैं। आरोपितों ने मुखबधिर व्यक्ति की शारीरिक असक्षमता को देखकर उसकी हत्या कर गहने लूटने की योजना बनाई। दोनो ने मृतक मुखबधिर को गाय बताने के बारे में विश्वास दिलाकर अपनी मोटरसाईकिल पर बैठाकर नेहरू विहार हाउसिंग बोर्ड, भीलवाड़ा एक खण्डरनूमा खाली क्वाटर में ले गये। जहां मृतक के हाथ-पैर बांध दिये एवं शराब पीकर लूंगी से गला घोंटकर मुखबधिर की हत्या कर सोने एवं चांदी के गहने खोलकर ले गये ।