किससे मांगे पानी,मोबाइल ही रहता बंद

किससे मांगे पानी,मोबाइल ही रहता बंद
किससे मांगे पानी,मोबाइल ही रहता बंद

जयपुर। न्याय स्तंभ.30 मार्च 2021. जलदाय विभाग वैसे तो मुख्यमंत्री के साथ मीर्टिंग्स में बड़ी—बड़ी बातें करता है कि जयपुर की किसी भी कॉलोनी के लोगों को पानी की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा। लेकिन अभी तक ​गर्मी पूरी तरह से शुरू हुई भी नहीं की जयपुर की कई कॉलोनियों में पानी के लिए त्राहि—त्राहि मचना प्रारंभ हो गया। भांकरोटा की रामरतन कॉलोनी जो की कई दशकों से पानी की परेशानी से जुझ रही है वहां आज भी मुख्यमंत्री गहलोत की इतनी बड़ी घोषणाएं होने के बाद भी जलदाय विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी झांक कर नहीं देखता। सब वीआईपी इलाकों में पेयजल की व्यवस्थाएं ठीक कर अपनी वाह—वाही लूटने में व्यस्त रहते हैं। 

भांकरोटा की कई सारी कॉलोनियां पेजयल की भयंकर समस्या से ग्रस्त है लेकिन फिर भी कोई जनप्रतिनिधि या सरकारी नुमाइंदे जनता को परेशानी से निजात दिलाने के लिए आगे नहीं आते।
अब सवाल यह उठता है कि जिन लोगों को सरकार ने जनता की समस्या का हल निकालने के लिए ही सरकारी वेतन पर रखा है वही इस और ध्यान नहीं दें तो कॉलोनी के वांशिदे कहां जाएं। 


जलदाय विभाग की कारगुजारी
जानकार सूत्रों से पता चला है कि चित्रकूट स्थित जलदाय विभाग के अधिकारियों ने अपने चहेतों के घरों के बाहर और घरों के अंदर सरकारी पैसे से नलकूप खोद डाले फिर जनता चाहे भाड़ में।जहां नलकूप की जरूरत है वहां या तो विभाग नलकूप खोदता ही नहीं और खराब पड़े नलकूपों को ठीक करने की जहमत भी नहीं उठाता। किसी भी कॉलोनी में नलकूप लगाने के लिए ही इन अधिकारियों को सारे नियम कायदे याद आते हैं लेकिन अपने चहेतों के लिए सारे नियत कायदे ताक पर रख दिए जाते हैं।

पाइप लाइन डालने में भी घोटाले की शिकायत
चित्रकूट स्थित कार्यालय में बैठे अधिकारी कभी ​फिल्ड में आने की जहमत नहीं उठाते हैं चाहे बाहर कुछ भी होता रहे।मिली जानकारी के अनुसार भांकरोटा की कई कॉलोनियों में नई पाइप लाइन केवल कागजों में डाल दी गई है किसी भी जेइएन या उच्चाधिकारियों ने इसकी कभी जांच भी नहीं की।अब पाइप लाइन डाली भी है की नहीं ये तो वे ही जाने लेकिन जनता सब देख रही है। विभाग के अधिकारी उन पुरानी पाइप लाइन को भी दुरूस्त करने की कोशिश नहीं करते जिससे जनता को पेयजल की समस्या से निजात मिल सके।

पानी की बांट जोहते रहते वांशिदें
जी हां 2 दशक पहले से भी बसी हुई भांकरोटा की रामरतन कॉलोनी आज भी पानी के लिए तरस रही है। शुरूआत में वहां लोगों ने पानी के कनेक्शन लिए लेकिन जब पानी नहीं आया तो  कई लोगों ने कनेक्शन ही कटवा दिए। अब भी कुछ लोग ऐसे हैं जो की नलों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। अब इसे जलदाय विभाग की नाकामी कहें या कॉलोनी के वांशिदों का भाग्य लेकिन जो भी हो सरकार और जलदाय विभाग यहां पर लापरवाह नजर आते हैं। रामरतन कॉलोनी के वांशिदों ने बताया कि कॉलोनी को बसे हुए करीब 20 वर्ष हो गए लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। कैसे ना कैसे करके यहां उन लोगों ने रहने के लिए आशियाने बनाए लेकिन सबसे मूलभूत आवश्यकता पानी के लिए आज भी तरस रहे हैं।


जलदाय विभाग के ​अधिकारी का फोन ही रहता बंद
जब रामरतन कॉलोनी की पानी की समस्या को लेकर अधिकारियों से बात करनी चाही तो तीन दिन से उनका फोन ही नहीं उठ रहा। हमने चित्रकूट जलदाय विभाग कार्यालय के एईएन डी आर वर्मा को फोन किया तो उनका फोन ही बंद मिला । कई बार कॉल करने के बाद भी उनसे बात नहीं हो पाई। भांकरोटा के लोगों ने कई बार व्यक्तिगत मिल कर और कई बार फोन से उन्हें पेयजल किल्लत के बारे में अवगत कराया लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकल पाया।अब जब सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा है तो इस लापरवाही के लिए साहब पर क्या कार्रवाई होगी ये तो खुद जलदाय विभाग के बड़े अधिकारी या खुद मुख्यमंत्री ही जाने।लेकिन जनता को उसकी मूलभूत सुविधा से वंचित करना उचित नहीं है।

टैंकरों के भरोसे कट रहा जीवन
रामरतन कॉलोनी के लोगोंं का कहना है कि जलदाय विभाग का कनेक्शन होने के बाद भी उनके  यहां पानी नहीं आता है। जब से यहां मकान बनाया है तब से आज तक केवल जलदाय विभाग का कनेक्शन नजर आता है लेकिन पानी का नामोनिशां नहीं है। प्राइवेट टैंकरों से पानी मंगवाकर जीवनयापन करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार जलदाय विभाग के कार्यालय में जाकर शिकायत भी की लेकिन ना तो कोई चैक करने आया और ना ही आज तक पानी की व्यवस्था हुई। ऐसे में करें तो क्या करें वहां से हमेशा ये ही जवाब मिलता है कि आपकी कॉलोनी टेल एंड पर है पानी नहीं आ पाएगा।

शिकायत करने पर कनेक्शन कटवाने की नसीहत
कॉलोनी के वांशिदों का कहना है कि कई वर्षों से पानी के लिए परेशान हो रहे हैं लेकिन नलों में पानी तो दूर हवा भी नहीं आ पाती है। महीने में करीब 5 टैंकर पानी के मंगवाने पड़ते हैं जिसमें करीब 1500 रूपए खर्च होते हैं। कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन फिर भी कोई असर नहीं पड़ा उल्टा विभाग के कर्मचारियों ने यह बोल दिया की पानी नहीं आता तो कनेक्शन कटवा लो।

टेल एंड बता कर अपने कर्तव्यों की करते इतिश्री
जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से जब पानी नहीं आने की शिकायत की तो उनका कहना है कि टेल एंड होने के कारण पानी की सप्लाई में समस्या आती है। उनका कहना है कि इस कॉलोनी से आगे कोई कनेक्शन नहीं है इसलिए पानी नहीं आ पाएगा। कॉलोनी के वांशिदों का कहना है कि जब जलदाय विभाग को यह पता था की यहां टेल एंड है कॉलोनी में पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी तो कनेक्शन देने की क्या आवश्यकता थी। केवल सिक्योरिटी मनी के लिए ही जलदाय विभाग कनेक्शन देता है क्या। उनका कहना है कि सरकार घर—घर पानी पहुंचाने के लिए युद्ध् स्तर पर प्रयास कर रही है लेकिन वहीं दूसरी और जलदाय विभाग कनेक्शन बढ़ाने के बजाय पाइप लाइन डाल कर ही भूल जाता है।