कथावाचक मोरारी बापू के खिलाफ मामला दर्ज,संत समाज ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

कथावाचक मोरारी बापू के खिलाफ मामला दर्ज,संत समाज ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

न्याय स्तंभ. 08.जून. 2020

जयपुर। समाज में धर्म के प्रति जागरूक करने और लोगों को सही—गलत का ज्ञान करवाने वाले संत—महात्मा ही जब करोड़ों लोगों के अराध्य भगवान कृष्ण और बलराम पर ही उंगली उठाने लगे तो समाज पर कैसा विपरित प्रभाव पड़ेगा। कई विवादों में घिरे रहने वाले देशभर में अपनी कथाओं को लेकर मशहूर कथावाचक मोरारी बापू एक आपत्तिजनक टिप्पणी कर खुद ही फंस गए हैं। दरअसल ये आपत्तिजनक टिप्पणी उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण पर की है. जिसके बाद से ही उनकी मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। जिन्होंने अपने आप को धर्म का ठेकेदार समझ करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र भगवान कृष्ण और बलराम के खिलाफ ही आप​त्तिजनक टिप्पणी कर डाली। इस टिप्पणी को लेकर संत समाज में गहरा रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने मोरारी बापू के खिलाफ जयपुर के कालवाड़ थाने में मामला दर्ज करवा दिया। 

भगवान श्री कृष्ण और बलराम पर अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में संत सौरभ राघवेंद्र आचार्य की तरफ से बापू के खिलाफ जो परिवाद कालवाड़ थाने में दर्ज करवाया गया है, उसमें उन पर ये गंभीर आरोप लगाया गया है कि कथावाचक मोरारी बापू की ओर से मिर्जापुर स्थित आदि शक्ति पीठ में कुछ समय पहले ही एक रामकथा कहने के दौरान भगवान कृष्ण के ऊपर उन्होंने अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

आचार्य सौरभ राघवेंद्र महाराज ने सवाई जयसिंह हाईवे स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट में आयोजित प्रेस कॉफ्रेन्स में कहा कि कथावाचक एवं कथित संत मोरारी बापू के द्वारा भगवान कृष्ण एवं उनके बडे भाई बलदाउ जी के बारे में कथा के दौरान अपमान व आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी वो उन्हें शोभा नहीं देता। उन्होंने बताया कि एक वीडियो पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचारित तरीके से वायरल हो रहा था जिससे हिंदुओं एवं संत समाज में रोष व्याप्त है।

आचार्य महाराज ने कहा कि  मोरारी बापू हमेशा विवादों में रहते है। कभी शमशान में शादी के फेरे करवाने का मामला हो या कथा के दौरान व्यास पीठ के सामने फिल्मी गानों पर नृत्यागंनाओं के द्वारा नृत्य मुजरा करवाने का मामला हो साथ ही कथा के दौरान कुरान के जप करते हुए मोला अली के पाठ करते हुए हिन्दु धर्म की आस्था पर कुठारघात करते हैं। जिससे हिन्दु धर्म के भक्तों व संत समाज को मानसिक ठेस पहुंची हैं, जिससे पूरे हिन्दुस्तान में हिन्दु धर्म के अनुयायियों में रोष व्याप्त है।

राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी संत सौरभ राघवेन्द्र आचार्य महाराज ने कहर कि यदि समय रहते कथा वाचक मुरारी बापु के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई नही करता है तो शीघ्र ही संत समाज को मजबूर होकर उग्र आंदोलन करना पडेगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर प्रशासन को सूचित करते हुए 7 जून 2020 को  कालवाड थाने में परिवाद दर्ज करा दिया गया है। कालवाड़ थानाधिकारी लोकपाल सिंह इस मामले की जांच कर रहे हैं।