राजस्थान में एसीबी की कड़ी कार्रवाई,  अब तक 351 रिश्वतखोर सलाखों के पीछे

राजस्थान में एसीबी की कड़ी कार्रवाई,  अब तक 351 रिश्वतखोर सलाखों के पीछे

जयपुर। कार्यालय संवादददाता,डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के नेतृत्व में राजस्थान में एसीबी द्वारा वर्ष 2020 में ठोस कार्रवाई करते हुए अब तक 351 रिश्वतखोरों को ट्रेप कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। कार्रवाई में जहां अजमेर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुल​पति प्रोफेसर आरपी सिंह और बारां जिले के कलेक्टर आईएएस इंद्रसिंह राव शामिल हैं वहीं 57 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी रिश्वतखोरी के मामले में जेल जाना पड़ा है। यह जानकारी देते हुए डीजी भगवान लाल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन ने अपील कि है कि भ्रष्टाचार की इस गम्भीर समस्या के खिलाफ आप हमारे साथ आएं तथा अपनी गाढ़ी कमाई को रिश्वतखोरों को न लुटाएं। यदि राज्य सरकार या केन्द्र सरकार का कोई कर्मी/अधिकारी आपसे रिश्वत की मांग करे तो 1064 हैल्पलाइन पर शिकायत करें। या फिर ACB के व्हाट्सएप नम्बर 94135-02834 पर टैक्स्ट मैसेज, ऑडियो या वीडियो संदेश से अपनी शिकायत भेजें। आपकी शिकायत पर ब्यूरो आपसे तत्काल सम्पर्क कर, सत्यापन कर भ्रष्ट अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करेगा तथा आपका लीगल काम पूरा कराने में पूरा सहयोग करेगा। शिकायतकर्ता के चाहने पर उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

डीजी बीएल सोनी ने बताया कि वर्ष 2020 में रिश्वतखोरी के 56 प्रकरणों में विभिन्न न्यायालयों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत कुल 71 आरोपियों को सजा सुनाई गई। जिनमें 61 लोक सेवकों एवं 10 प्राईवेट व्यक्ति (दलाल) हैं। इनमें जिन लोक सेवकों को सजा मिली। उनमें 6 राजपत्रित अधिकारी एवं 55 अराजपत्रित कर्मचारी हैं। इस तरह घूसखोरों को सजा का प्रतिशत 52.83 रहा।

एसीबी महानिदेशक सोनी ने बुधवार को बताया कि ACB द्वारा ट्रेप के कुल 253 प्रकरण दर्ज किए गए, इनमें 64 प्रकरण राजपत्रित अधिकारी एवं 186 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारी हैं। इसके अलावा 3 प्राईवेट व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज कर कुल 351 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें राजस्व, पुलिस, पंचायत, उर्जा, स्वायत्त शासन विभाग, चिकित्सा विभाग के अधिकारी कर्मचारी शामिल है। रिश्वत मांगने के कुल 60 मामले दर्ज किए गए जिनमें 6 प्रकरण राजपत्रित अधिकारी, 53 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारी एवं 1 प्रकरण प्राईवेट व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया। इनमें पुलिस, पंचायत, राजस्व, उर्जा एवं स्वायत्त शासन विभाग आदि प्रमुख हैं।

एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि वर्ष 2020 में पूरे प्रदेश में पद के दुरूपयोग के कुल 34 प्रकरण दर्ज किए गए। जिनमें 15 प्रकरण राजपत्रित अधिकारी, 18 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारी एवं 1 प्रकरण प्राईवेट व्यक्ति के विरूद्ध दर्ज किया गया। इनमें पंचायत, नगरीय विकास, शिक्षा, खान एवं राजस्व विभाग आदि प्रमुख है। उन्होंने बताया कि इसी तरह, पिछले साल आय से अधिक सम्पत्ति के कुल 16 प्रकरण दर्ज किए गए जिनमें 8 प्रकरण राजपत्रित अधिकारी एवं 8 प्रकरण अराजपत्रित कर्मचारी के विरूद्ध दर्ज किये गए। इनमें राजस्व, पुलिस, स्वायत्त शासन, परिवहन आदि प्रमुख हैं।

रिश्वतखोरी के सबसे ज्यादा 59 प्रकरण पंचायती राज विभाग और 57 केस पुलिस के खिलाफ

एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि ACB ने वर्ष 2020 में कुल 363 प्रकरण दर्ज किए। इन प्रकरणों में 253 ट्रेप रिश्वत की मांग, 34 पद के दुरूपयोग तथा 16 आय से अधिक सम्पत्ति के प्रकरण दर्ज किए गए।इनमें प्रकरणों में राजस्व, पुलिस, पंचायत, उर्जा, स्वायत्त शासन विभाग, चिकित्सा आदि प्रमुख है। सबसे ज्यादा 59 प्रकरण पंचायती राज विभाग, 57 प्रकरण राजस्व, 57 प्रकरण पुलिस विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध दर्ज किए गए हैं। इसी तरह, वर्ष 2020 में ACB ने केंद्र सरकार के अधीन 18 अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई की गई।