अजमेर-उपमहापौर नीरज जैन ने लगाए राज्य सरकार पर आरोप

अजमेर-उपमहापौर नीरज जैन ने लगाए राज्य सरकार पर आरोप

अजमेर। 26 मई. प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी ओर अजमेर नगर निगम के उप महापौर नीरज जैन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत अब मौत और कोरोना आँकड़े छुपाने में भी बाज़ीगरी दिखा रहे है। 
जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना टेस्ट से ज़्यादा विधायकों के लॉयल्टी टेस्ट में ज़्यादा रुचि लेते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सिजन की लीकेज को अगर समय रहते सुधारते तो जेएलएन हॉस्पिटल में ऑक्सिजन फ्लक्चुएशन की घटना से मौत नही होती।
नीरज जैन ने कहा कि राजस्थान सरकार की कोरोना से हुई मौत और कोरोना जाँच के आँकड़े छुपाने की बाज़ीगरी अब खुल कर सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का प्रशासन पर दबाव है कि वो आँकड़े छिपाए जो कि अजमेर के मोक्षधाम में जलती चितायें इसकी पोल खोल रही है।
उपमहापौर जैन ने कहा कि जहां अजमेर में जनवरी से अप्रैल तक प्रति माह औसतन 700-750 तक मृत्यु हुई वहीं सिर्फ़ मई माह में 1185 का आँकड़ा है जो कि तब है जब 30 अप्रैल के बाद जेएलएन हॉस्पिटल से मई माह की जानकारी अभी तक निगम नही भेजी गई है। जिसके कारण इस माह मृत्यु प्रमाण पत्र नही बन बन पाए हैं।उनके अनुसार गत वर्ष इसी समय बनाए जाने वाले मृत्यु प्रमाण पत्र की संख्या औसत  350- 400 ही थी।
जैन ने कहा कि जादूगर गहलोत अब मौत के आँकड़े छुपाने वाले बाज़ीगर बने हुए हैं, हाल ये है कि केवल मात्र मौत ही नही RT- PCR टेस्ट की गति धीमी कर कोरोना पॉजिटिव के आँकड़े भी छिपा रहे हैं।
उन्होने गांवों की हालत बताए हुए कहा कि हालात गाँवो में केवल test करवाने के आदेश हुए हैं लेकिन आज तक antigan test केवल हवा हवाई आदेश से ज़्यादा नज़र नही आ रहे हैं। जिसका दुष्परिणाम गाँवो में मौत का तांडव मचा हुआ है सरकार सिर्फ़ उनको झुठलाने में लगी है।
नीरज जैन ने कहा की जेएलएन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का ख़ामियाज़ा कई परिवारों को चुकाना पड़ा जिन्होंने अपने परिजन को ऑक्सिजन flactuation के कारण खोया। और उसके बाद भी प्रशासन अपनी गलती सुधारने के बजाय साफ़ ये कहता रहा कि कोई भी मौत ऑक्सिजन के बंद हो जाने कारण नही हुई जबकि पार्षद भारती जांगिड की मौत के समय ही ज़िलाधीश महोदय से बात कर इस से अवगत करवाया था।  तब ज़िलाधीश राजपुरोहित द्वारा स्वतंत्र तकनीकी टीम से इसकी जाँच करवाने का आश्वासन दिया और कल भारतीय सेना के तकनीकी जाँच दल ने ऑक्सिजन प्लांट में कई ख़ामियाँ पकड़ी जिसमें साफ़ हो गया की ऑक्सिजन की बर्बादी होती रही और अस्पताल प्रशासन के हवा होते नज़र आया।
जैन ने माँग की है कि इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए एवं भारतीय सेना की तकनीकी जाँच दल की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।